सूचना : कहानी का अंश पढ़ें और अनुबद्ध प्रश्न के उत्तर लिखें।
കഥാഭാഗം വായിച്ച് ബന്ധപ്പെട്ട ചോദ്യത്തിന് ഉത്തരമെഴുതാം.
मीना जब कहानी सुना चुकी तो निर्मल ने गुलमोहर की तरफ़ देखा। उसको ऐसा लगा जैसे गुलमोहर भी अपनी कहानी सुनता-सुनता मुसकरा रहा था।
◾ निर्मल की उस दिन की डायरी लिखें।
उत्तर:
तारीख,
कैसे भूलूँ आज का दिन! आज शामको मीना के घर गई। उसके गुलमोहर का पाँचवाँ जन्मदिन समारोह था। ज़िन्दगी में पहली बार मैं ने एक पेड़ के जन्मदिन मनाते देखा। मेरी सहेलियाँ भी आई थीं। हम सबने गुलमोहर को उपहार दे दिए। मीना ने उस पेड़ की कहानी सुनाई। पेड़ की छाया में बैठकर दावत भी की।
हमने बहुत खुशियाँ मनाईं। सचमुच आज खुशी का दिन था!
തീയതി
ഇന്നത്തെ ദിവസം എങ്ങനെ മറക്കും! ഇന്നു വൈകുന്നേരം മീനയുടെ വീട്ടില് പോയി.അവളുടെ ഗുല്മോഹറിന്റെ അഞ്ചാം ജന്മദിനാഘോഷമായിരുന്നു. ജീവിതത്തില് ആദ്യമായാണ് ഒരു മരത്തിന്റെ പിറന്നാള് ആഘോഷിക്കുന്നത് കണ്ടത്. എന്റെ കൂട്ടുകാരികളും വന്നിരുന്നു. ഞങ്ങളെല്ലാവരും ഗുല്മോഹറിന് സമ്മാനങ്ങള് നല്കി. മീന ആ മരത്തിന്റെ കഥ പറഞ്ഞു തന്നു. മരത്തിന്റെ തണലിലിരുന്ന് സദ്യയും കഴിച്ചു ഞങ്ങള് നന്നായി ആഘോഷിച്ചു. ശരിക്കും ഇന്ന് സന്തോഷത്തിന്റെ ദിവസമായിരുന്നു.
सूचना : खंड पढ़ें और अनुबद्ध प्रश्न का उत्तर लिखें।
स्कूल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में चलाई गई भाषण-प्रतियोगिता में राजेश प्रथम आया। माननीय एम.एल.ए ने से पुरस्कार दिया। वह खुशी से घर पहुँँचा। माँ को पुरस्कार दिखाया।
◾ राजेश और माँ के बीच का वार्तालाप कल्पना करके लिखें।
उत्तर:
राजेश : माँ, मैं आ गया।
माँ : बेटा क्यों इतनी देरी हुई? मैं कब से तेरा इंतज़ार कर रही हूँ।
राजेश : समारोह अभी-अभी खतम हुआ माँ, इसलिए देरी हुई। माँ यह देखिए मुझे पुरस्कार मिला है।
माँ : बेटा! यह पुरस्कार किस के लिए मिला?
राजेश : स्वतंत्रता दिवस के दिन भाषण प्रतियोगिता चलायी गयी थी न? उस में मुझे ही प्रथम पुरस्कार मिला है।
माँ : बधाइयाँ बेटा। भाषण का विषय क्या था?
राजेश : विषय था, देशप्रेम। दस छात्रों ने भाग लिया था।
माँ : बहुत अच्छा हुआ बेटा। आगे भी असंख्य पुरस्कार पाने में भगवान तुम्हें आशीष दें।
राजेश : मैं यह पुरस्कार दादी को दिखा आउँगा।
माँ : ठीक है बेटा। मैं तब तक चाय तैयार करूँगी।
NEWS
Thursday, July 28, 2022
गुलमोहर का जन्मदिन എന്ന പാഠത്തിലെ കൂടുതല് ചോദ്യങ്ങളും ഉത്തരങ്ങളും
शाहंशाह अकबर को कौन सिखाएगा എന്ന പാഠത്തിലെ കൂടുതല് ചോദ്യങ്ങളും ഉത്തരങ്ങളും
1. दरबार के विचित्र दृश्य देखकर अकबर आश्चर्यचकित हो गए। इस प्रसंग पर अकबर और बीरबल के बीच की बातचीत लिखें।
उत्तर: अकबर : बीरबल, तुमने यह क्या किया?
बीरबल : मैंने तो बस, आपके आदेशों का पालन किया है।
अकबर : क्या है?
बीरबल : आपने कल बताया था कि कुछ सीखना है।
अकबर : हाँ। इस केलिए देश की आधी जनता से राजमहल क्यों भर दिया?
बीरबल : जहाँपनाह; इनमें हरेक व्यक्ति ऐसा कुछ सिखा सकता है, हरेक व्यक्ति ऐसा कुछ जानता है, जो दूसरे नहीं जानते। सभी शिक्षक है, और विद्यार्था भी।
2. बीरबल ने अकबर से क्या-क्या प्रश्न पूछे? अकबर का जवाब क्या था?
प्रश्न : क्या जहाँपनाह, रेत में घंटों खेलकर अपना मनोरंजन करना जानते हैं?
जबाब : नहीं।
प्रश्न : क्या आप किसी गरीब आदमी की आमदनी में घर चला सकते हैं? या क्या आप जानते हैं कि कपड़ों से दाग कैसे हटाया जाता है?
जबाब : कतई नहीं। प्रश्न: क्या जहाँपनाह यह जानते हैं कि बुवाई कब करनी है और फ़सल को पानी कब देना है? या कचरे में से उपयोगी चीज़ों को कैसे छाँटना है? या कहाँ हरे-भरे चरागाह हैं? या हमारी फ़सलों को बढ़िया दाम कहाँ मिलेंगे? या किसी शब्द को इतनी खूबसूरती से कैसे लिखें कि वह चित्र जैसा लगे?
जबाब : नहीं, नहीं, नहीं। हज़ार बार नहीं।
3. पाठभाग के संज्ञा शब्द चुनकर लिखें ।
उत्तर: शाहंशाह, अकबर, विद्वान, चीज़, दरबार, लोग, बच्चे, दुकानदार, जनता, घर, कपड़ा, पानी, चरागाह, फ़सल, शख्स, दिल, शिक्षक, महिला, इंसान, सादगी, गुरु आदि।
4. पाठभाग के विशेषण शब्द चुनकर लिखें।
उत्तर: चतुर, विचित्र, मूर्ख, ज्ञानी, गरीब, हरा-भरा, बढ़िया, खूबसूरत, बूढ़ी, श्रेष्ठ, बुद्धिमान, पहला, अच्छा, सादगी, समझदार, आदि।




